केन्द्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet – ACC) ने 22 सितम्बर 2016 को भारतीय सांख्यिकी संस्थान (Indian Statistical Institute) के प्रोफेसर चेतन घाटे (Chetan Ghate), दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (Delhi School of Economics – DSE) की निदेशक पमी दुआ (Pami Dua) और भारतीय प्रबन्धन संस्थान, अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) के प्रोफेसर रवीन्द्र धोलकिया (Ravindra Dholakia) की नियुक्ति भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) में तीन बाहरी विशेषज्ञ सदस्यों (outside expert members) के रूप में करने की घोषणा की।
– इन विशेषज्ञों को उक्त समिति में चार वर्ष की समयावधि के लिए किया जायेगा तथा वे पुनर्नियुक्ति (re-appointment) के लिए अर्ह नहीं होंगे। इसके साथ उक्त समिति में कुल सदस्यों की संख्या 6 हो गई है, जैसा कि प्रस्तावित था। शेष तीन सदस्य RBI से सम्बन्धित हैं।
– इन तीन RBI सदस्यों में शामिल हैं – RBI गवर्नर उर्जित पटेल (Urjit Patel), उप-गवर्नर आर. गांधी (R. Gandhi) और कार्यकारी निदेशक माइकल पात्रा (Michael Patra)। उल्लेखनीय है कि निर्णयों में टाई (बराबरी) होने की स्थिति में RBI गवर्नर के अंतिम वोट को निर्णय के पक्ष में माना जायेगा।
– उल्लेखनीय है कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) RBI के मौद्रिक निर्णय लेने के वर्तमान ढांचे का स्थान लेगी जहाँ RBI तथा उसके आंतरिक सदस्यों की मौद्रिक नीति घोषणा में पूरी पकड़ होती है। हालांकि एक समिति RBI को मौद्रिक नीति सम्बन्धी निर्णयों में अपने पक्ष से अवगत कराती है लेकिन RBI की कोर कमान को इस समिति के निर्णय को मानने की कोई बाध्यता नहीं है। लेकिन अब यह व्यवस्था मौद्रिक नीति समिति के गठन से परिवर्तित हो जायेगी।
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